मलयजी को जानिए

जन्म: 19 नवंबर, 1929; सहशन नाम के छोटे से गाँव के एक किसान परिवार मेंज़िला जबलपुरमध्य प्रदेश
शिक्षाजबलपुर वि.विसे एम.. (हिन्दीबाद में यू.जी.सीरिसर्च फ़ैलोशिप लेकरइसी वि.विसे 1968 में पीएच.डी.
प्रकाशित कृतियाँहथेलियों का समुद्रफैलती दरार मेंशामिल होता हूँअंधेरे दिन कासूर्यइच्छा की दूबअसंभव की आँचदिन भौहें चढ़ाता हैधुन्ध में से दमकती धारकवि ने कहामलय– प्रतिनिधि कविताएँव्यंग्य का सौन्दर्यशास्त्र, निर्मुक्त अधूराआख्यान (एक लंबी कविता), लिखने का नक्षत्रकाल घूरता हैदेखते ना देखते (कवितासंग्रह), खेत में (कहानी संग्रह), सदी का व्यंग्य विमर्शसमय के रंग (आलोचना)
आलोचनात्मक निबंधसमीक्षाएँ और टिप्पणियाँ प्रकाशित एवं बांग्ला में कविताओं काअनुवाद
संपादित कृतियाँआखन देखी (संपादकीय सहयोग), सांझ सकारे (बुंदेली लोकगीतोंका संकलन), परसाई रचनावली (पाँच संपादकों में से एक), कविता का ‘अखिलभारतीय भवानी मिश्र कृतिपुरस्कार’, मध्य प्रदेश सहित्य परिषदभोपाल| ‘भवभूतिअलंकरण’, .प्रसहित्य सम्मेलनभोपाल (2002)| ‘चन्द्रावती शुक्ल पुरस्कार’ (2003), आचार्य रामचंद्र शुक्ल साहित्य शोध संस्थानवाराणसी| ‘हरिशंकर परसाईसम्मान’, जमानीहोशंगाबाद (2006)